विचारों से
भविष्य का निर्माण
बालवाटिका हर माह प्रकाशित होने वाली प्रीमियम हिंदी डिजिटल पत्रिका है जो साहित्य, शिक्षा, संस्कृति और समाज को समर्पित है।
31वाँ वर्ष
प्रकाशन का यह इकतीसवाँ वर्ष है
मार्च 1996 से शुरू
343 अंक
अगस्त 2026 तक
343 अंक प्रकाशित
1000+ पाठक
पाठक परिवार
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100% मौलिक रचनाएँ
गुणवत्ता हमारी पहचान
हमारी यात्रा
हर कदम, साहित्य
की ओर
बालवाटिका की यात्रा समर्पण, साहित्य और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की यात्रा है।
हमारे बारे में जानें1996
बालवाटिका की स्थापना
मार्च 1996 में डॉ. भैरूलाल गर्ग द्वारा 'बालवाटिका' का प्रकाशन एवं संपादन प्रारम्भ किया गया।
1996 – वर्तमान
निरंतर प्रकाशन
बालवाटिका निरंतर प्रकाशित हो रही है और हिंदी बालसाहित्य की प्रमुख पत्रिकाओं में से एक है।
वार्षिक
राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठियाँ
प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। अब तक 26 संगोष्ठियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं।
2025
343+ प्रकाशित अंक
अगस्त 2026 तक 343 से अधिक अंक प्रकाशित हो चुके हैं तथा अनेक विशेषांक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हैं।
समृद्ध साहित्य
कहानियां, कविताएं, लेख, संस्मरण और बहुत कुछ
विशेषांक संग्रह
भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्य और महान साहित्यकारों पर विशेषांक
किशोर साहित्य
बालोपयोगी और किशोरोंपयोगी साहित्य का भंडार
श्रेष्ठ रचनाकार
देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों की श्रेष्ठ एवं मौलिक रचनाएं
विश्वसनीय मंच
मौलिक, प्रेरणादायक और सकारात्मक साहित्य का मंच
संग्रह
पुराने अंक
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